क़ीमत

गाड़ी रुके न रुके
हम तो रुक सकते हैं

किसे पता
यहां दो घड़ी बैठकर
जो बात होगी
उसकी कीमत
गाड़ी में छूट चुके
सामान से कहीं ज़्यादा हो

शायद उस बेंच को थामे हुए
कंक्रीट के फ़र्श की चमक
तेज़ी से दौड़ती हुई
खिड़की से दिखने वाले
आसमान से कहीं ज़्यादा हो

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